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संस्थान का फोटोग्राफी विभाग महत्वपूर्ण व प्राचीन मन्दिरों, स्मारकों व एतिहासिक महत्व के स्थानों के फोटोग्राफ तैयार करता है तथा बृज की संस्कृति से संबंधित महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों का वीडियों तैयार करता है ताकि उन्हें लम्बे समय तक संरक्षित किया जा सके। विभाग द्वारा बृज क्षेत्र के एतिहासिक व धार्मिक स्थलों की रंगीन स्लाइडे भी तैयार की जाती हैं।
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रेप्रोग्राफी विभाग द्वारा व्यक्तिगत संग्रहों, संस्थाओं में संगृहित हस्तलिखित ग्रन्थों, महत्वपूर्ण पुस्तकों , संस्थान के प्रकाषन, फरमान, चित्र, काष्ठपट्टिका, सिक्कों आदि का डिजिटलाइजेशन कार्य कर शोधार्थियों के उपयोगार्थ सामग्री संकलित कर सुलभ करायी जाती है। 
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अनेक हस्तलिखित ग्रन्थ धारक विभिन्न कारणों से अपनी पाण्डुलिपि संस्थान को दान में नही देना चाहते हैं ऐसी स्थिति में संस्थान के द्वारा उनके व्यक्तिगत स्थानों पर जाकर डिजिटलाइजेशन कर उन्हें यहाॅं सुरक्षित कर रखा जाता है। इस कार्य के उपरान्त एक कैटलाॅग भी तैयार किया जाता है। जिससे  शोधार्थियों  को ब्रज संस्कृति से सम्बन्धित शोध सामग्री सुलभ कराये जाने में वृन्दावन शोध संस्थान अपनी महती भूमिका का निर्वाह कर सके ।
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संस्थान द्वारा ब्रज संस्कृति सर्वेक्षण के अन्तर्गत ब्रज के मन्दिरों, ऐतिहासिक स्थलों, उत्सवों, त्योहारों, मेलों, आदि की पूर्व में तैयार की गयी रंगीन स्लाइड भी उपलब्ध है।
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विभाग द्वारा व्यक्तिगत संग्रहों के लगभग सात सौ हस्तलिखित ग्रन्थों का डिजिटल रुप में संग्रह कर चुका है।
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विभाग के द्वारा समय समय पर व्याख्यानों, सेमिनारों, त्योंहारों, मेलों, आदि की वीडियो रिकार्डिंग करके संरक्षित कर सुरक्षित रखता है व डाक्युमेंन्ट्री फिल्म तैयार की जाती है। वर्तमान में ब्रज की होली का वृत्त चित्र तैयार किया गया। इससे पूर्व महाप्रभु चैतन्य के वृन्दावन आगमन की पंचषती पर आयोजित कार्यक्रमों वृन्दावन, दिल्ली, मायापुर (पश्चिम बंगाल) का भी वृत्त चित्र तैयार किया गया।
  
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[[Category:वृन्दावन शोध संस्थान]]
 
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17:08, 5 जनवरी 2020 के समय का अवतरण

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रेप्रोग्राफी विभाग द्वारा व्यक्तिगत संग्रहों, संस्थाओं में संगृहित हस्तलिखित ग्रन्थों, महत्वपूर्ण पुस्तकों , संस्थान के प्रकाषन, फरमान, चित्र, काष्ठपट्टिका, सिक्कों आदि का डिजिटलाइजेशन कार्य कर शोधार्थियों के उपयोगार्थ सामग्री संकलित कर सुलभ करायी जाती है। अनेक हस्तलिखित ग्रन्थ धारक विभिन्न कारणों से अपनी पाण्डुलिपि संस्थान को दान में नही देना चाहते हैं ऐसी स्थिति में संस्थान के द्वारा उनके व्यक्तिगत स्थानों पर जाकर डिजिटलाइजेशन कर उन्हें यहाॅं सुरक्षित कर रखा जाता है। इस कार्य के उपरान्त एक कैटलाॅग भी तैयार किया जाता है। जिससे शोधार्थियों को ब्रज संस्कृति से सम्बन्धित शोध सामग्री सुलभ कराये जाने में वृन्दावन शोध संस्थान अपनी महती भूमिका का निर्वाह कर सके ।

Rep2.jpg

संस्थान द्वारा ब्रज संस्कृति सर्वेक्षण के अन्तर्गत ब्रज के मन्दिरों, ऐतिहासिक स्थलों, उत्सवों, त्योहारों, मेलों, आदि की पूर्व में तैयार की गयी रंगीन स्लाइड भी उपलब्ध है। विभाग द्वारा व्यक्तिगत संग्रहों के लगभग सात सौ हस्तलिखित ग्रन्थों का डिजिटल रुप में संग्रह कर चुका है। विभाग के द्वारा समय समय पर व्याख्यानों, सेमिनारों, त्योंहारों, मेलों, आदि की वीडियो रिकार्डिंग करके संरक्षित कर सुरक्षित रखता है व डाक्युमेंन्ट्री फिल्म तैयार की जाती है। वर्तमान में ब्रज की होली का वृत्त चित्र तैयार किया गया। इससे पूर्व महाप्रभु चैतन्य के वृन्दावन आगमन की पंचषती पर आयोजित कार्यक्रमों वृन्दावन, दिल्ली, मायापुर (पश्चिम बंगाल) का भी वृत्त चित्र तैयार किया गया।