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(छः गोस्वामियों का कालक्रम)
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वृन्दावन में वैष्णव भक्त दक्षिण से आये। वह यहाँ इतना फले-फूले कि भारत के सभी महान धातु-कर्मी यहाँ आये और कुछ समय निवास किया। यहीं १९६८ में भारतीय विशेषतः बृज सभ्यता को समर्पित वृन्दावन शोध संस्थान की स्थापना हुई।
 
वृन्दावन में वैष्णव भक्त दक्षिण से आये। वह यहाँ इतना फले-फूले कि भारत के सभी महान धातु-कर्मी यहाँ आये और कुछ समय निवास किया। यहीं १९६८ में भारतीय विशेषतः बृज सभ्यता को समर्पित वृन्दावन शोध संस्थान की स्थापना हुई।
 
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*१५७१ रघुनाथ दास गोस्वामी अदृश्य हुए
 
*१५७१ रघुनाथ दास गोस्वामी अदृश्य हुए
 
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वृन्दावन, मथुरा से १५ किलोमीटर दूर एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। वृन्दावन का नाम आते ही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का ध्यान आता है। यहीं वनों में उन्होंने गोपियों के संग रास रचाया व राधा को मोहित किया। भगवान के अवतार चैतन्य महाप्रभु ने समय की गर्त में विलुप्त हो चुके वृन्दावन के पवित्र स्थलों की खोज की। चैतन्य महाप्रभु १५१५ ई० में वृन्दावन आये थे। चैतन्य महाप्रभु ने १६वीं शताब्दी के प्रारम्भ में अपने दो प्रिय शिष्यों रूप और सनातन को वृन्दावन में निवास का निर्देश दिया जहाँ बाद में जीवगोस्वामी, रधुनाथ भट्ट व गोपाल भट्ट उनसे आ मिले।

वृन्दावन में वैष्णव भक्त दक्षिण से आये। वह यहाँ इतना फले-फूले कि भारत के सभी महान धातु-कर्मी यहाँ आये और कुछ समय निवास किया। यहीं १९६८ में भारतीय विशेषतः बृज सभ्यता को समर्पित वृन्दावन शोध संस्थान की स्थापना हुई।




छः गोस्वामियों का कालक्रम

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  • १४८६ श्री चैतन्य प्रकट हुए
  • १४८८ सनातन गोस्वामी प्रकट हुए
  • १४८९ रूपा गोस्वामी प्रकट हुए
  • १४९४ राहुनाथ रघुनाथ गोस्वामी प्रकट हुए
  • १५०३ गोपाल भट्ट गोस्वामी प्रकट हुए प्रकट हुए
  • १५०५ रघुनाथ भट्ट गोस्वामी प्रकट हुए
  • १५०५ प्रभु चैतन्य ने सन्यास लिया
  • १५१३ जीव गोस्वामी प्रकट हुए
  • १५१५ प्रभु चैतन्य का वृन्दावन दर्शन
  • १५३१ रघुनाथ भट्ट गोस्वामी वृन्दावन पधारे
  • १५३४ प्रभु चैतन्य महाप्रभु अदृश्य हुए
  • १५३५ जीव गोस्वामी वृन्दावन पधारे
  • १५४२ राधा दामोदर आराध्य, प्रथम सेवा पूजा
  • १५४२ राधा रमण आराध्य, प्रथम सेवा पूजा
  • १५४५ जीव गोस्वामी ने राधा कुण्ड में भूमि खरीदी
  • १५५२ रूप गोस्वामी ने भक्ति अमृत लिखा
  • १५५८ स्नातन गोस्वामी अदृश्य हुए
  • १५५८ राधा दामोदर में भूमि अर्जन
  • १५६४ रूप गोस्वामी अदृश्य हुए
  • १५७० वृन्दावन में सम्राट अकबर की जीव गोस्वामी से भेंट
  • १५७१ रघुनाथ दास गोस्वामी अदृश्य हुए

वृन्दावन में प्रमुख मन्दिर

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  • राधा मदन मोहन मन्दिर
  • गोविन्द देव मन्दिर
  • राधा गोपीनाथ मन्दिर
  • राधारमण मन्दिर
  • राधा दामोदर मन्दिर
  • राधा गोकुलानन्द मन्दिर
  • राधा श्याम सुन्दर
  • बांके बिहारी मन्दिर
  • राधा वल्लभ मन्दिर
  • कृष्ण बलराम (इस्कान) मन्दिर